प्रह्लाद की अटूट भक्ति से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव तक गूंजा भक्ति का संदेश
रांची। सराफ परिवार के तत्वावधान में महाराजा अग्रसेन भवन रांची में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत गीता कथा अमृत महोत्सव के चतुर्थ दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। जगन्नाथधाम के सुप्रसिद्ध कथावाचक एवं व्यास महाराज श्री दिनेश जी भारद्वाज ने व्यास पीठ से श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रेरणादायी प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण एवं रोचक शैली में वर्णन किया। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरा कथा परिसर भगवान के जयकारों एवं भजनों से गूंजता रहा।कथा की शुरुआत प्रह्लाद चरित्र के प्रसंग से करते हुए व्यास महाराज ने बताया कि सच्ची भक्ति के मार्ग में कितनी भी कठिनाइयां क्यों न आएं, भक्त को अपने आराध्य के प्रति विश्वास नहीं छोड़ना चाहिए। बाल भक्त प्रह्लाद ने विपरीत परिस्थितियों में भी भगवान विष्णु की भक्ति नहीं छोड़ी। उनके जीवन से यह संदेश मिलता है कि ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास से असंभव परिस्थितियों पर भी विजय प्राप्त की जा सकती है। इसके बाद गजेंद्र मुक्ति का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि जब जीव पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ भगवान को पुकारता है, तब प्रभु उसकी रक्षा के लिए अवश्य आते हैं। वहीं समुद्र मंथन प्रसंग के माध्यम से देवासुर संघर्ष, भगवान के कूर्म अवतार तथा अमृत प्राप्ति की कथा का विस्तार से वर्णन किया गया। उन्होंने कहा कि जीवन में अमृत और विष दोनों परिस्थितियां आती हैं, लेकिन विवेक, संयम और धर्म का मार्ग अपनाकर मनुष्य जीवन को सार्थक बना सकता है।व्यास महाराज ने वामन भगवान अवतार की कथा सुनाते हुए राजा बलि की दानशीलता, संकल्प और भगवान के प्रति समर्पण का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान भक्त की परीक्षा अवश्य लेते हैं, लेकिन अंततः उसकी भावना और समर्पण से प्रसन्न होकर उसे अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग अत्यंत भावपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कथा स्थल को बैलून, पुष्पों एवं आकर्षक सजावट से भव्य और अलौकिक रूप प्रदान किया गया। सजीव झांकियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का सुंदर चित्रण किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। सुमधुर भजनों पर श्रद्धालु देर तक झूमते और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाते रहे।
इस अवसर पर अग्रवाल सभा द्वारा व्यास महाराज श्री दिनेश जी भारद्वाज का अभिनंदन एवं सम्मान किया गया। अंत में सामूहिक आरती के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि कथा के प्रति श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से सात दिवसीय कथा अमृत महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया।








