नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुणे मेट्रो की लगभग 21,800 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने पुणे और महाराष्ट्र की जनता को दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी से शहर के विकास को नई गति मिलेगी और लोगों का जीवन अधिक सुगम होगा। उन्होंने कहा कि पुणे देश के युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं का केंद्र है। यहां मेट्रो नेटवर्क का विस्तार शहर के पुराने और नए हिस्सों को बेहतर तरीके से जोड़ेगा तथा आईटी, उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों को भी मजबूती देगा।
पुणे के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
प्रधानमंत्री ने कहा कि लगभग दस वर्ष पहले उन्होंने पुणे मेट्रो के पहले चरण की आधारशिला रखी थी। अब हिंजवड़ी से शिवाजीनगर कॉरिडोर शुरू होने से शहर के प्रमुख आईटी हब तक बेहतर संपर्क स्थापित होगा। वहीं, नई मेट्रो लाइन शहर के पुराने और नए क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी। उन्होंने पुणे को विचारों का ऐतिहासिक केंद्र बताते हुए कहा कि इस शहर ने हमेशा देश और समाज को दिशा दी है। आज यह आईटी, ऑटोमोबाइल, औषधि उद्योग, स्टार्टअप, नवाचार और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में विकसित भारत की नई ऊर्जा का केंद्र बन रहा है। मजबूत मेट्रो कनेक्टिविटी पुणे के विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मेट्रो नेटवर्क से बढ़ेगी शहरी उत्पादकता
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आधुनिक शहरों का मूल्यांकन अब केवल उद्योग, खान-पान और स्थानीय उत्पादों के आधार पर नहीं होता, बल्कि उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता और जीवन की सुगमता भी महत्वपूर्ण पैमाने बन गए हैं। मेट्रो नेटवर्क इन दोनों पहलुओं को बेहतर बनाता है। इससे लोगों का यात्रा समय बचता है और उन्हें आवागमन में सुविधा मिलती है। उन्होंने कहा कि जब शहरों में लोगों का समय बचता है तो शहरी उत्पादकता बढ़ती है, जिसका सकारात्मक प्रभाव राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है। मजबूत अर्थव्यवस्था का लाभ गरीब और मध्यम वर्ग, दोनों को मिलता है।
12 वर्षों में 26 शहरों तक पहुंचा मेट्रो नेटवर्क
प्रधानमंत्री ने कहा कि पुणे मेट्रो का विस्तार लोकहितैषी और सक्रिय शासन का उदाहरण है। पिछले 12 वर्षों में भारत का मेट्रो नेटवर्क 26 शहरों में लगभग 1,200 किलोमीटर तक फैल चुका है। इससे प्रतिदिन एक करोड़ से अधिक यात्री लाभान्वित हो रहे हैं। आज भारत का मेट्रो नेटवर्क दुनिया के शीर्ष तीन मेट्रो नेटवर्कों में शामिल है। उन्होंने महाराष्ट्र में मेट्रो के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में राज्य में केवल 10 से 11 किलोमीटर मेट्रो लाइनें चालू थीं, जबकि अब लगभग 175 किलोमीटर मेट्रो लाइनें सेवाएं दे रही हैं। इसके अलावा 680 किलोमीटर से अधिक मेट्रो नेटवर्क पर निर्माण कार्य चल रहा है, जिसमें 2.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि इस निवेश से श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है, इंजीनियरों को काम के अवसर मिल रहे हैं और दुकानों तथा कारखानों में भी आजीविका के नए साधन तैयार हो रहे हैं।
पीपीपी मॉडल से तैयार हुआ नया मेट्रो कॉरिडोर
प्रधानमंत्री मोदी ने नए मेट्रो कॉरिडोर की विशेषता बताते हुए कहा कि इसका निर्माण सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत सरकार और निजी क्षेत्र के संयुक्त प्रयासों से किया गया है। उन्होंने कहा कि यह विकास का ऐसा मॉडल है, जिसकी सफलता देश की प्रगति को और गति दे सकती है।
शहरों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शहरी केंद्र बनाने का लक्ष्य
पीएम मोदी ने कहा कि भारत का हर नागरिक और युवा विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। पिछले 12 वर्षों में देश ने ग्रामीण सड़कों, राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, नई और विद्युतीकृत रेल लाइनों, लंबी सुरंगों तथा ऊंचे पुलों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया है। अब आने वाले वर्षों में शहरों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शहरी केंद्रों में विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर केवल रहने की जगह नहीं हैं, बल्कि वे देश की आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र हैं। इसलिए पूरे देश में सैकड़ों छोटे शहरों को विकास के सक्रिय केंद्रों के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है।
अर्बन चैलेंज फंड से शहरी विकास को मिलेगा प्रोत्साहन
पीएम नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष फरवरी में स्वीकृत ‘अर्बन चैलेंज फंड’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत शहरी क्षेत्रों में निवेश जुटाने के लिए केंद्र सरकार एक लाख करोड़ रुपए की सहायता उपलब्ध कराएगी। उन्होंने स्थानीय निकायों और निजी क्षेत्र के साझेदारों से इस पहल में मिशन के रूप में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि महाराष्ट्र इस दिशा में अपनी भूमिका का और विस्तार करेगा।
भारत ने गरीबी कम करने में हासिल की बड़ी उपलब्धि
प्रधानमंत्री ने कहा कि कठिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद भारत ने दुनिया की सबसे तेज विकास दर को बनाए रखा है। उन्होंने विश्व बैंक की नवीनतम रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 10 से 12 वर्षों में देश के लगभग 50 करोड़ नागरिक अत्यधिक गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि पहले गरीबी के खिलाफ लड़ाई केवल नारों तक सीमित रहती थी, लेकिन आज भारत धरातल पर गरीबी को पराजित कर रहा है। भारत अब सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने के साथ-साथ गरीबी घटाने में भी उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है।
आर्थिक विकास और गरीबी में कमी एक-दूसरे से जुड़े
प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक विकास और गरीबी में कमी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। बढ़ती अर्थव्यवस्था और विस्तारित बजट से बड़े पैमाने पर सार्वजनिक निवेश संभव हो पाता है। वहीं, पहले घोटालों और वित्तीय लीकेज में जाने वाला पैसा अब सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब सरकार सड़क, रेल, एयरपोर्ट और मेट्रो के साथ बिजली, पानी और गैस पाइपलाइन जैसी सुविधाओं पर निवेश बढ़ाती है तो लोगों का जीवन बेहतर होता है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होते हैं।
कल्याणकारी योजनाओं से गरीबों का बढ़ा आत्मविश्वास
प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबों के लिए पक्के मकान, शौचालय, हर घर नल से जल और रसोई गैस कनेक्शन जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सुविधाओं ने लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव किया है। इससे गरीब परिवारों का आत्मविश्वास बढ़ा है और रोजमर्रा के कामों में लगने वाला कीमती समय भी बचा है। इस समय का उपयोग परिवार अतिरिक्त आय अर्जित करने के लिए कर पा रहे हैं। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने गरीबों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से गरीब कल्याण मेलों की शुरुआत की थी। इन आयोजनों में लाभार्थियों को मंच पर बुलाकर सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाता था और उन्हें गरीबी से बाहर निकलने का संकल्प दिलाया जाता था। पीएम मोदी ने कहा कि गरीबों को सशक्त बनाने की यह सोच आज भी सुशासन के माध्यम से आगे बढ़ रही है। गरीबी कम करने का यह बदलाव वर्षों के सुनियोजित प्रयासों का परिणाम है।
गरीबी में कमी से अर्थव्यवस्था को भी मिलती है मजबूती
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि गरीबी कम होने का लाभ केवल उन परिवारों तक सीमित नहीं रहता, जो अभाव से बाहर निकलते हैं, बल्कि इससे पूरे देश को फायदा होता है। गरीबी कम होने से नया मध्यम वर्ग विकसित होता है और उसकी क्रय क्षमता बढ़ती है। इससे बाजार में मांग बढ़ती है और दुकानों से लेकर कारखानों तक आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में घटती गरीबी देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
महाराष्ट्र के किसानों के साथ खड़ी है सरकार
प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के निर्माण में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए महाराष्ट्र के किसान परिवारों की कठिनाइयों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य में बड़े पैमाने पर जल संरक्षण के कार्य किए गए हैं, लेकिन खराब मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सूखे की स्थिति, राज्य सरकार की ओर से दी जा रही अग्रिम सहायता और पीएम किसान सम्मान निधि के हस्तांतरण का उल्लेख करते हुए किसानों को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है, सरकार हर परिस्थिति में उनका साथ देगी।
दिवाली पर जरूरतमंद परिवारों की खुशियों का भी रखें ध्यान
पीएम मोदी ने त्योहारों के मौसम में नागरिकों से सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि दिवाली की खुशियों के बीच सूखे से प्रभावित लोगों, किसान परिवारों और मुश्किलों का सामना कर रहे अन्य लोगों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि उनके घरों में भी त्योहार की खुशियां पहुंच सकें। उन्होंने देशवासियों से आपदा की स्थिति का मिलकर सामना करने की अपील करते हुए कहा कि सबका प्रयास ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। इसी भावना के साथ देश के विकास के लिए निरंतर काम करते रहना होगा।







