नई दिल्ली। नई दिल्ली में मंगलवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पश्चिम एशिया के हालात, रूस-यूक्रेन संघर्ष, उज्बेकिस्तान में भारतीय छात्रों की शिक्षा, नेपाल हेलीकॉप्टर हादसे और यूरोप में जारी विरोध प्रदर्शनों समेत कई मुद्दों पर भारत का पक्ष रखा। उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने तथा शत्रुता समाप्त करने की अपील की।
पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता पर जोर
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर करीबी ध्यान दे रहा है। भारत सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर चलने की अपील करता है, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल हो सके।
संघर्ष का वैश्विक स्तर पर असर
प्रवक्ता ने कहा कि संघर्ष के कारण बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसका असर केवल संबंधित क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ा है। वैश्विक स्तर पर खाद्य पदार्थों, ईंधन, उर्वरक और वित्तीय गतिविधियों पर भी इसका प्रभाव देखने को मिला है। उन्होंने सभी पक्षों से लड़ाई और शत्रुता समाप्त करने की अपील की, ताकि हालात सामान्य हो सकें।
रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भारत ने दोहराया अपना रुख
जायसवाल ने बताया कि विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री से मुलाकात की है। दोनों नेताओं के बीच पिछले कई महीनों में कई बार बैठक हो चुकी है। इस बार अटलांटा में हुई बैठक के दौरान रूस-यूक्रेन संघर्ष और यूक्रेन की स्थिति, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष तथा द्विपक्षीय और बहुपक्षीय महत्व के कई अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।
रूस और यूक्रेन के साथ साझा किए भारत के सुझाव
शांति स्थापित करने में भारत की भूमिका और उसके विचारों के बारे में पूछे जाने पर जायसवाल ने कहा कि भारत पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुका है। उन्होंने कहा कि भारत ने अपने सुझाव रूस और यूक्रेन, दोनों पक्षों के साथ साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की टिप्पणियां और यूक्रेन के विदेश मंत्री की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ चुकी हैं।
नेपाल हेलीकॉप्टर हादसे में भारतीय की मौत
नेपाल में दो हेलीकॉप्टरों के टकराने की घटना पर जायसवाल ने कहा कि भारत को हादसे की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि दोनों हेलीकॉप्टरों के टकराने की तस्वीरें भी सामने आई हैं। हादसे में एक भारतीय नागरिक की मौत की सूचना है। भारत की ओर से पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द नेपाल से लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उज्बेकिस्तान में भारतीय छात्रों के मुद्दे पर नजर
उज्बेकिस्तान में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के मुद्दे पर प्रवक्ता ने कहा कि भारत सरकार लगातार उज्बेकिस्तान की सरकार और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है। ताशकंद स्थित भारतीय दूतावास की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। इसके अलावा नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने भी दिशानिर्देश और सलाह जारी की है। ये सलाह केवल उज्बेकिस्तान ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों में पढ़ाई करने की योजना बना रहे छात्रों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
मेडिकल शिक्षा के मानकों पर सरकार प्रतिबद्ध
जायसवाल ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि उज्बेकिस्तान में पढ़ाई, खासकर मेडिकल शिक्षा हासिल करने जा रहे भारतीय छात्रों को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। मेडिकल शिक्षा का स्तर भारत के नेशनल मेडिकल कमीशन द्वारा निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने छात्रों से संबंधित एडवाइजरी को ध्यान से पढ़ने की अपील की।
यूरोप में विरोध प्रदर्शनों को लेकर भारतीयों को सलाह
यूरोप में जारी विरोध प्रदर्शनों और अशांति के संबंध में जायसवाल ने कहा कि भारत के दूतावासों ने फ्रांस और इटली में एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने कहा कि बेल्जियम के संबंध में उन्हें उस समय पूरी जानकारी नहीं थी। उन्होंने यूरोप के संबंधित देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों और छात्रों से भारतीय मिशनों की ओर से जारी एडवाइजरी तथा स्थानीय सरकारों के निर्देशों का पालन करने की अपील की।







