लगातार 13वें वर्ष जवानों के बीच पहुंचे प्रधानमंत्री, नक्सलवाद मुक्त भारत को बताया ऐतिहासिक उपलब्धि

जगदलपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर पहुंचकर करनपुर स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल(सीआरपीएफ)कैंप में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दीपावली मनाई।
इस दौरान सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में डीआरजी की दो बटालियनों के जवान भी शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने जवानों को अपना परिवार बताते हुए उनके त्याग, समर्पण और बलिदान की सराहना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बस्तर में कभी नक्सलवाद का गंभीर खतरा था, लेकिन सुरक्षाबलों के अदम्य साहस और निरंतर प्रयासों से अब यहां विकास की नई लहर शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 की दिवाली देश के लिए ऐतिहासिक है। यह पहली दिपावली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति देने वाले जवानों को नमन करते हुए उनके योगदान को देश के लिए अमूल्य बताया।
प्रधानमंत्री ने कैंप में तैनात जवानों से सीधे मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने जवानों के दैनिक जीवन, प्रशिक्षण तथा दुर्गम क्षेत्रों में तैनाती के दौरान आने वाली चुनौतियों के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने जवानों के साथ समय बिताया और उन्हें मिठाई खिलाकर दिवाली की शुभकामनाएं दीं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने करनपुर स्थित कोबरा ऑपरेशन्स बेस का दौरा किया। यह बेस बस्तर और अबूझमाड़ के जंगलों में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए प्रशिक्षण केंद्र और लॉन्च पैड के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। करीब 311 एकड़ में फैले इस कैंप में कोबरा कमांडो को जंगल युद्ध और नक्सल विरोधी अभियानों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। कैंप परिसर में सीआरपीएफ का 50 बिस्तरों वाला संयुक्त अस्पताल भी स्थित है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य में नक्सल उन्मूलन और शांति व्यवस्था कायम करने में सुरक्षाबलों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से शांति और विकास का वातावरण तैयार हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्ष 2014 से लगातार दीपावली के अवसर पर देश की सुरक्षा में तैनात जवानों के बीच पहुंचकर त्योहार मनाते रहे हैं। वर्ष 2014 से 2025 तक वह 12 बार जवानों के साथ दिवाली मना चुके हैं। पिछले वर्ष 2025 में उन्होंने गोवा और कारवार के पश्चिमी समुद्री तट पर आईएनएस विक्रांत में नौ सैनिकों के साथ दिवाली मनाई थी।
इन वर्षों में प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न सीमावर्ती और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों का दौरा किया। जम्मू-कश्मीर में उन्होंने तीन बार, जबकि हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में दो-दो बार जवानों के साथ दिवाली मनाई। इस बार बस्तर पहुंचकर उन्होंने जवानों के साथ दिवाली मनाने की अपनी परंपरा को लगातार 13वें वर्ष भी जारी रखा।
प्रधानमंत्री मोदी ने जवानों के साथ दिवाली मनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में वह जवानों को मिठाई खिलाते नजर आ रहे हैं। इसके साथ उन्होंने लिखा, “Diwali is sweeter with those who protect us!” अर्थात, हमारी रक्षा करने वालों के साथ दिवाली और भी मीठी हो जाती है।








