रांचीः झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी का सड़क हादसे में निधन हो गया। रांची-जमशेदपुर हाइवे में सड़क दुर्घटना में दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा सिंह हादसे का शिकार हो गईं। पीसीआर डीएसपी जमशेदपुर मनोज ठाकुर ने बताया कि देर रात करीब 2-3 बजे सोनारी थाना क्षेत्र के दोमुहानी मरीन ड्राइव पर हादसा हुआ। इस हादसे में कार में सवार तृषा सिंह समेत चार लोगों की मौत हो गई।
गैस कटर से काट कर शव को बाहर निकाला गया
डीएसपी मनोज ठाकुर ने बताया कि देर रात तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में कार में सवार दो युवक और दो युवती की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे बाद गैस कटर के काट कर चारों शव को बाहर निकाला जा सका।
पश्चिम बंगाल से जमशेदपुर लौटने के दौरान हादसा
बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल से जमशेदपुर लौटने के दौरान मरीन ड्राइव पर सुबह करीब 3 से 4 बजे के बीच यह भीषण सड़क हादसा हुआ। मृतकों में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह की छोटी बेटी तृषा सिंह के अलावा सार्थक, वंशिका और नमन गुप्ता शामिल हैं।बताया जा रहा है कि मरीन ड्राइव पर रात के तीन बजे इतनी तेज धमाके की आवाज आई की दूर-दूर तक गहरी नींद में सो रहे लोगों उठ गए। चीख-पुकार और तेज आवाज ने रात के अंधेरे के सन्नाटे को ऐसा चीरा की लोग दौड़े। सामने जो दृश्य दिखा उसके बाद तो किसी की इतनी हिम्मत नहीं हुई कि कार में फंसे लोगों को बाहर निकाल सके। टक्कर इतनी जबरदस्त थी की कार के गेट दूर जा गिरे। कार का अगला हिस्सा पूरी तरह खत्म हो चुका था। हादसे में एयर बैग भी काम नहीं आ सका। पुलिस और स्थानीय लोगों को कार में सवार लोगों को बचाने का मौका मिल सका।
बीच सड़क पर था ट्रक
बताया गया है कि तकनीकी खराबी हो जाने कारण ट्रक को बीच सड़क पर खड़ा कर दिया गया, जिसके कारण रात में ये हादसा हो गया। ट्रक में खराबी आ जाने के बाद किसी तरह के इंडिकेटर की व्यवस्था नहीं की गई थी, सिर्फ डाली के साथ पत्ता तोड़कर लगा दिया गया था।
मुख्यमंत्री ने मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की दिवंगत पुत्री तृषा सिंह को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की दिवंगत पुत्री तृषा सिंह के असामयिक निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री गुरुवार को स्मार्ट सिटी, रांची स्थित मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के आवास पहुंचे और दिवंगत तृषा सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढ़स बंधाया तथा इस दुख की घड़ी में परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि संतान को खोने का दुःख किसी भी माता-पिता के लिए अत्यंत पीड़ादायक और शब्दों से परे होता है।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत तृषा सिंह को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति, साहस और संबल दें। इस अवसर पर विधायक कल्पना सोरेन ने भी तृषा सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।शोक की इस घड़ी में मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य, राज्यसभा सांसद, विधायक, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, राज्य सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि भी मंत्री के आवास पहुंचे और दिवंगत तृषा सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे परिसर में शोक और गमगीन माहौल रहा।
तृषा सिंह पंचतत्व में विलीन, पिता ने दी मुखाग्नि
झारखंड की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा सिंह पंचतत्व में विलीन हो गईं। गुरुवार को सीठियो श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। पिता रत्नेश सिंह ने बेटी को मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी। इस दौरान परिवार के सदस्यों के साथ मंत्री, विधायक, कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। तृषा सिंह की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान घाट पर माहौल बेहद भावुक रहा।
तृषा सिंह के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया सीठियो श्मशान घाट पर पूरी की गई। पिता रत्नेश सिंह ने अपनी बेटी को मुखाग्नि दी। इस मार्मिक क्षण के दौरान परिवार के सदस्यों और वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। बेटी को अंतिम विदाई देते समय परिवार गहरे दुख में नजर आया। तृषा के असमय निधन से परिजन, परिचित और शुभचिंतक शोक में डूबे हुए हैं।
अंतिम यात्रा में शामिल हुए मंत्री, विधायक और कांग्रेस नेता
तृषा सिंह की अंतिम यात्रा में परिवार के सदस्यों के अलावा मंत्री, विधायक और कांग्रेस के कई नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए। पार्टी कार्यकर्ताओं और परिचितों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने तृषा को श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे। तृषा सिंह की अंतिम यात्रा के दौरान माहौल बेहद गमगीन रहा। लोग भावुक नजर आए और परिवार को ढांढस बंधाते रहे। अंतिम संस्कार के समय सीठियो श्मशान घाट पर शोक का वातावरण बना रहा। तृषा के निधन से परिवार के साथ-साथ उनके परिचितों और शुभचिंतकों में भी गहरा दुख है। लोगों ने शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में हिम्मत देने की प्रार्थना की।








