राजस्थान निकाय चुनाव : 85 में भाजपा, 46 में कांग्रेस का बोर्ड तय; 177 निकायों में निर्दलीय निर्णायक

जयपुर। राजस्थान के 309 नगरीय निकायों के चुनाव परिणामों ने राज्य के शहरी राजनीतिक परिदृश्य की तस्वीर साफ कर दी है। राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक 85 निकायों में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला है, जबकि 46 निकायों में कांग्रेस बहुमत के साथ बोर्ड बनाने की स्थिति में है। बारां नगर परिषद में आम आदमी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिला है। शेष 177 निकायों में किसी एक दल को बहुमत नहीं मिला है, जिससे यहां बोर्ड गठन के लिए निर्दलीय और अन्य दलों के निर्वाचित पार्षद महत्वपूर्ण भूमिका में रहेंगे।

बहुमत वाले निकायों के अलावा त्रिशंकु निकायों में भी भाजपा और कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टियों के रूप में उभरी हैं। उपलब्ध परिणामों के अनुसार 60 ऐसे निकाय हैं जहां भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है लेकिन उसके पास बहुमत नहीं है। कांग्रेस 54 निकायों में सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन यहां भी उसे बोर्ड बनाने के लिए दूसरे दलों या निर्दलीयों का समर्थन लेना होगा। शेष निकायों में निर्दलीय अथवा अन्य दल सबसे बड़े समूह के रूप में सामने आए हैं।

कुल 10,244 वार्डों में भाजपा ने 4,179 वार्ड जीते हैं, जबकि कांग्रेस को 3,613 वार्ड मिले हैं। निर्दलीय प्रत्याशी 2,273 वार्डों में विजयी रहे। अन्य दलों में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने 63, आम आदमी पार्टी ने 42, माकपा ने 38, बसपा ने 19 और भारत आदिवासी पार्टी ने आठ वार्डों में जीत दर्ज की है।

राज्य के दस नगर निगमों में भी दोनों प्रमुख दलों के बीच मुकाबले की अलग-अलग तस्वीर सामने आई है। जयपुर, कोटा, उदयपुर और भीलवाड़ा में भाजपा स्पष्ट बहुमत की स्थिति में है, जबकि बीकानेर में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया है। जोधपुर में भाजपा और कांग्रेस बराबरी पर हैं और निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। भरतपुर में भी निर्दलीय पार्षद बहुमत के लिए जरूरी संख्या में हैं। अजमेर और पाली में कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, लेकिन बहुमत से दूर है।

नगर परिषदों और नगरपालिकाओं में भी कई जगहों पर सीधे बहुमत के बजाय त्रिशंकु स्थिति बनी है। झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस ने 45 में से 29 वार्ड जीतकर बहुमत हासिल किया। बारां में आम आदमी पार्टी ने 60 में से 31 वार्ड जीते। सीकर नगर परिषद में कांग्रेस को 38 और भाजपा को 22 वार्ड मिले। नागौर नगर परिषद में निर्दलीय 23, भाजपा 21 और कांग्रेस 15 वार्डों के साथ सबसे बड़े समूह के रूप में सामने आए हैं।

चुनाव परिणामों में कई प्रमुख राजनीतिक चेहरों को भी हार का सामना करना पड़ा। जयपुर में पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल और बीकानेर में पूर्व महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित चुनाव हार गईं। भरतपुर नगर निगम में निर्दलीयों ने 36 वार्ड जीतकर दोनों प्रमुख दलों को पीछे छोड़ दिया। यहां भाजपा के 20 और कांग्रेस के सात पार्षद जीते हैं।

कुछ निकायों में बेहद कम मतों वाले परिणाम भी सामने आए। परबतसर नगरपालिका के वार्ड 13 में भाजपा प्रत्याशी कैलाशचंद को केवल एक वोट मिला, जबकि रियांबड़ी के वार्ड 15 में कांग्रेस प्रत्याशी को भी एक वोट मिला।

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार अब पार्षदों के निर्वाचन के बाद निकाय प्रमुखों के चुनाव की प्रक्रिया होगी। ऐसे में बहुमत वाले निकायों में बोर्ड गठन लगभग तय है, जबकि 177 निकायों में निर्दलीयों और छोटे दलों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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