झारखंड में डिजिटल कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार, 4,395 पंचायतों में मजबूत होगा ब्रॉडबैंड नेटवर्क

रांची। राज्य में इंटरनेट कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के लिए केंद्र और राज्य की एजेंसियों के बीच समझौता हुआ है। गुरुवार को भारत सरकार की एजेंसी डिजिटल भारत निधि और राज्य सरकार की एजेंसी झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कारपोरेशन लिमिटेड के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

इस समझौते से झारखंड के 260 प्रखंडों, 4,395 ग्राम पंचायतों एवं 26,777 गैर-जीपी गांवों (जो किसी पंचायत के अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं) में कनेक्टिविटी का विस्तार होगा। डिजिटल भारत निधि की ओर से प्रशासक श्यामल मिश्रा तथा झारखंड सरकार की ओर से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पूजा सिंघल एवं निदेशक माधवी मिश्रा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इसका उद्देश्य राज्य के ग्रामीण एवं डिजिटल रूप से अपेक्षाकृत कम जुड़े क्षेत्रों में विश्वसनीय एवं हाई-स्पीड ब्राडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार करना है। यह पहल राज्य के डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों, सरकारी संस्थानों एवं अन्य उपयोगकर्ताओं तक ब्राडबैंड सेवाओं के विस्तार के लिए आवश्यक आधार तैयार करेगी।

ग्रामीण परिवारों एवं सरकारी संस्थानों तक कनेक्टिविटी पहुंचेगी

कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण परिवारों तक फाइबर आधारित ब्राडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसमें सरकारी संस्थानों एवं ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।

बेहतर ब्राडबैंड कनेक्टिविटी से झारखंड के ग्रामीण एवं कम सेवा प्राप्त क्षेत्रों के नागरिकों की ई-गवर्नेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल सेवाओं तथा अन्य ऑनलाइन सुविधाओं तक पहुंच को और सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।

सुदृढ़ डिजिटल नेटवर्क बुनियादी ढांचा नागरिक-केंद्रित सेवाओं की प्रभावी आपूर्ति में भी सहायक होगा तथा सरकारी संस्थानों एवं ग्रामीण समुदायों द्वारा डिजिटल प्लेटफार्म के अधिक प्रभावी उपयोग को सक्षम बनाएगा।

समझौते की खास बातें

– 4,387 मौजूदा ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलाजी में अपग्रेड किया जाएगा। रिंग टोपोलाजी में डेटा एक ही दिशा (यूनिडायरेक्शनल) में यात्रा करता है। जब एक डिवाइस को दूसरे को डेटा भेजना होता है, तो डेटा पैकेट रिंग के जरिए अगले हर डिवाइस से तब तक गुजरता है जब तक वह अपने सही पते (गंतव्य) तक नहीं पहुंच जाता।

– आठ नई ग्राम पंचायतों को रिंग टोपालाजी के माध्यम से जोड़ा जाएगा।

– पांच वर्षों की अवधि में 4,39,049 एफटीटीएच (फाइबर टू द होम) कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा।

– ग्राम पंचायतों एवं गैर-जीपी गांवों में मांग के आधार पर हाई-स्पीड ब्राडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार किया जाएगा।

– नेटवर्क की क्षमता एवं विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए मिडिल माइल इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कराया जाएगा।

– झारखंड में स्टेट नेटवर्क आपरेशंस सेंटर (एसएनओसी) की स्थापना की जाएगी।

– कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए बीएसएनएल द्वारा झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कारपोरेशन लिमिटेड को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंसी सहायता प्रदान की जाएगी।

 

 

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अंग भारत • रिपोर्टर

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