रांची। झारखंड उच्च न्यायालय ने जेएसएससी -सीजीएल परीक्षा के विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत हुई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश के अमल पर रोक लगा दी।
जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने नियुक्तियां रद्द करने के फैसले को चुनौती देने वाली तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। इन मामलों में शालिनी सुंडी सहित अन्य, रोजलिन श्वेता तिग्गा एवं अन्य तथा ऋषिकेश सज्जन सहित अन्य याचिकाकर्ता शामिल हैं।
हालांकि, सभी याचिकाकर्ताओं को अंडरटेकिंग दाखिल करने का निर्देश दिया गया है कि आपराधिक मामले में ट्रायल कोर्ट का अंतिम आदेश उन पर बाध्यकारी होगा और उसके आधार पर सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी।
अदालत ने जारी अधिसूचना संख्या 06/लो.से.आ.-01-07/5408 के संचालन, क्रियान्वयन और अनुपालन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी। साथ ही सरकार को निर्देश दिया गया है कि इस अधिसूचना से प्रभावित नियुक्त कर्मचारियों को फिलहाल काम जारी रखने दिया जाए। अदालत ने यह निर्देश याचिकाकर्ताओं के साथ-साथ समान स्थिति वाले अन्य प्रभावित कर्मियों पर भी लागू करने को कहा है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स, कुमार अभिषेक और अर्पण एम. एक्का ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि विज्ञापन के तहत सभी याचिकाकर्ताओं की विधिवत नियुक्ति हुई थी, लेकिन भर्ती प्रक्रिया को अचानक रद्द कर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। कार्रवाई से पहले उन्हें न तो नोटिस दिया गया और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर मिला।
अदालत ने प्रथम दृष्टया कहा कि नियमित नियुक्ति को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किए बिना बाधित या समाप्त नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि चुनौती दी गई अधिसूचना में फिलहाल ऐसे पर्याप्त आधार या सामग्री दिखाई नहीं देती, जो इतनी कठोर कार्रवाई को उचित ठहरा सके।
राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहिताश्य राय ने कहा कि विभिन्न नागरिकों की शिकायतों के आधार पर सीआईडी गहन जांच कर रही है और मामले में कुछ गिरफ्तारियां भी हुई हैं। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आई है, जिसके कारण सरकार ने विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत हुई नियुक्तियों को रद्द किया। अदालत ने माना कि फिलहाल सुविधा का संतुलन याचिकाकर्ताओं के पक्ष में है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अधिसूचना का क्रियान्वयन जनहित के प्रतिकूल है।
उल्लेखनीय है कि सीआईडी जांच के आधार पर सरकार ने 18 अगस्त की रात टीडीपीएल से जुड़ी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी। कार्मिक विभाग की अधिसूचना में 22 परीक्षाओं को रद्द करने, 6 की प्रक्रिया स्थगित करने और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने का उल्लेख है।








