वित्त मंत्रालय ने ई-कॉमर्स कंपनियों को केवल निर्यात के लिए माल रखने की अनुमति दी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट के नियमों में बदलाव किया है। इस बदलाव के बाद भारत में बने सामान के विदेशों में एक्सपोर्ट के लिए इन्वेंट्री-बेस्ड ई-कॉमर्स मॉडल में काम करने की अनुमति दे दी गई है। इसके साथ ही जुलाई में घोषित यह निर्णय अब शुक्रवार से प्रभावी हो गया है।

वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों में बदलाव को अधिसूचित किया है। अधिसूचना के मुताबिक विभाग ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआईI) नियमों में संशोधन करते हुए विदेशी निवेश वाली ई-कॉमर्स कंपनियों को केवल भारत में बने सामान के निर्यात के लिए अब इन्वेंट्री (माल स्टॉक) रखने की अनुमति दे दी है।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक इसके तहत ई-कॉमर्स कंपनियों को भारत में निर्मित या उत्पादित वस्तुओं का भंडार केवल निर्यात के उद्देश्य से रखने की अनुमति होगी। नियमों के अनुसार विदेशी निवेश वाली ई-कॉमर्स कंपनियां अब भारत में बना माल अपने पास रखकर उसका निर्यात कर सकती हैं, लेकिन इसी तरह माल को अपने पास रखकर भारत में खुदरा बिक्री करने की अनुमति नहीं है।

मंत्रालय ने बताया कि विभाग ने 2 सितंबर को जारी एक नोटिफिकेशन में विदेशी एक्सचेंज मैनेजमेंट (नॉन-डेट इंस्ट्रूमेंट्स) नियम, 2019 में इस संबंध में एक प्रावधान को जोड़ा है। नए प्रावधान के मुताबिक ई-कॉमर्स इकाई विदेशी व्यापार नीति, 2023, प्रक्रिया पुस्तिका और विदेशी मुद्रा प्रबंधन (माल एवं सेवाओं का निर्यात) विनियम, 2015 के प्रावधानों के अनुरूप केवल भारत में निर्मित यानी उत्पादित वस्तुओं के निर्यात के लिए माल-सूची आधारित ई-कॉमर्स मॉडल अपना सकती है।

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
Picture of अंग भारत • रिपोर्टर

अंग भारत • रिपोर्टर

‘अंग भारत’ एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र है, जो मिलन ग्रुप द्वारा संचालित एक बहुआयामी मीडिया संगठन का हिस्सा है। हमारा कॉर्पोरेट कार्यालय बिहार के ऐतिहासिक अंग प्रदेश के पवित्र स्थान बांका में स्थित है। हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाना है।”

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts