धनबाद। धनबाद के बरवाअड्डा थाना परिसर में फर्जी प्रमाणपत्र को लेकर हुए विवाद के बाद वायरल हुए एक ऑडियो पर डुमरी विधायक जयराम महतो ने मंगलवार को खुलकर पलटवार किया है। माडा कर्मचारियों के बकाया वेतन के मुद्दे को लेकर धनबाद पहुंचे विधायक ने वायरल ऑडियो को तोड़-मरोड़कर और एडिट कर पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि थाना प्रभारी के साथ करीब 11 मिनट तक हुई बातचीत के चुनिंदा हिस्सों को काट-छांटकर वायरल किया गया है। जयराम महतो ने इसे निजता का हनन बताते हुए कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
जयराम महतो ने कहा कि 21 अगस्त को बरवाअड्डा थाना परिसर में हुई घटना की पूरी सच्चाई वहां लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य वीडियो रिकॉर्डिंग से सामने आ सकती है। विधायक का दावा है कि वह जहां भी जाते हैं, उनका कैमरा ऑन रहता है और थाना परिसर में भी कई कैमरे लगे हुए हैं। ऐसे में उन्होंने बरवाअड्डा थाना प्रभारी से घटना की एक-एक मिनट की वीडियो फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है।
थाना परिसर में मारपीट के आरोपों को भी जयराम महतो ने पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और हॉट टॉक जरूर हुई थी, लेकिन मारपीट का आरोप सही नहीं है। विधायक ने कहा कि यदि मारपीट हुई है तो सीसीटीवी फुटेज से इसकी सच्चाई सामने आ जाएगी और वीडियो सार्वजनिक होने के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
वायरल ऑडियो को लेकर विधायक ने कहा कि बरवाअड्डा थाना प्रभारी के साथ उनकी करीब 11 मिनट तक मोबाइल पर बातचीत हुई थी। आरोप है कि बातचीत के कई हिस्सों को काट दिया गया और कुछ बातों को आगे-पीछे कर अलग संदर्भ में वायरल किया गया। जयराम महतो ने कहा कि बातचीत निजी स्तर पर हुई थी और यदि उसमें कुछ कठोर शब्दों का इस्तेमाल हुआ भी हो, तो उसे पूरी बातचीत से अलग कर सार्वजनिक मंच पर कही गई बात की तरह पेश करना गलत है।
इस दौरान विधायक ने बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार पर आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार और गाली-गलौज करने के आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि बालू ढोने वाले गरीब ट्रैक्टर चालकों से कथित तौर पर 30 हजार रुपये तक की मांग की जाती है और वसूली की रकम ऊपर तक पहुंचाने की बात कही जाती है। जयराम महतो ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
जयराम महतो ने थाना प्रभारी को लेकर एक महिला पुलिस अधिकारी के साथ कथित गलत संबंध का आरोप भी लगाया। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है।
उल्लेखनीय है कि बरवाअड्डा थानेदार के बयान पर विधायक जयराम महतो सहित 10 लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। साथ ही 40 से 50 अज्ञात लोगों पर भी मामला दर्ज किया गया है। बरवाअड्डा थाने में दर्ज हुई इस मुकदमे में गाली-गलौज करने, धमकी देने और हाजत में बंद आरोपित को जबरन निकालने के प्रयास के आरोप लगाए गए हैं।








