जेएसएससी-सीजीएल और सीडीपीओ नियुक्ति रद्द करने के आदेश पर हाई कोर्ट की रोक

– सरकार को 7 सितंबर तक जवाब का निर्देश

रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच झारखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को जेएसएससी-सीजीएल और सीडीपीओ परीक्षा से जुड़ी नियुक्तियां रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर रोक लगा दी। नियुक्त कर्मियों को हटाने संबंधी सरकारी अधिसूचना को चुनौती देने वाली चार अलग-अलग याचिकाओं पर न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान अदालत ने महाअधिवक्ता रोहित राय से कहा कि इस तरह के सभी मामलों में सरकार की ओर से शपथ पत्र दाखिल करने के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की जाए। अदालत ने राज्य सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 7 सितंबर तक का समय दिया है। वहीं, प्रार्थियों को सरकार के जवाब पर 14 सितंबर तक प्रतिउत्तर दाखिल करने का निर्देश दिया गया। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा।

याचिकाओं में राज्य सरकार की ओर से सीडीपीओ यानी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी परीक्षा का विज्ञापन रद्द करने के फैसले को चुनौती दी गई है। इसके अलावा जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और उससे जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने के सरकार के आदेश के खिलाफ भी याचिका दाखिल की गई है।

कुछ प्रार्थियों ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा तथा फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्तियां रद्द करने के सरकारी आदेश को भी चुनौती दी है।

अदालत ने सीडीपीओ तथा जेएसएससी की 11वीं से 13वीं परीक्षा को रद्द करने के संबंध में राज्य सरकार और जेपीएससी से जवाब मांगा है। अदालत के अंतरिम आदेश से इन परीक्षाओं से जुड़ी नियुक्तियों को लेकर तत्काल उत्पन्न संकट फिलहाल टल गया है।

उल्लेखनीय है कि सीआईडी जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात उन परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी, जिनमें टीडीपीएल की भूमिका सामने आई थी। इसके साथ ही वर्ष 2014 से आयोजित सभी नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं को देखते हुए जांच कराने की भी घोषणा की गई थी।

इन घोषणाओं के बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से परीक्षा रद्द करने, परीक्षा प्रक्रिया स्थगित करने और विभिन्न परीक्षाओं को जांच के दायरे में लाने संबंधी अधिसूचना जारी की गई। सरकारी अधिसूचना के अनुसार, 22 परीक्षाओं को रद्द, छह परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित तथा 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में शामिल किया गया है। भर्ती परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले के बाद प्रभावित अभ्यर्थियों और नवनियुक्त कर्मियों ने अलग-अलग स्तर पर विरोध शुरू किया और अब कई मामलों में न्यायालय का रुख किया है। उच्च न्यायालय के शुक्रवार के आदेश के बाद जेएसएससी-सीजीएल और सीडीपीओ से जुड़ी नियुक्तियों के मामले में अभ्यर्थियों को फिलहाल राहत मिली है। मामले में अंतिम निर्णय सरकार के जवाब और आगे की सुनवाई के बाद होगा।–

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अंग भारत • रिपोर्टर

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