रांची : जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितता के खिलाफ रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का आंदोलन समाप्त हो गया। बुधवार को जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच ने आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया। मंच ने पहले ही स्पष्ट किया था कि सरकार की ओर से संबंधित परीक्षाओं को लेकर आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होने के बाद आंदोलन पर निर्णय लिया जाएगा। आंदोलन स्थल पर भूख हड़ताल पर बैठे तीन अनशनकारियों राहुल, सबिता और रूपेश का अनशन पद्मश्री मधु मंसूरी और कोतवाली इंस्पेक्टर सनोज कुमार चौधरी ने जूस पिलाकर तुड़वाया। आंदोलन के दौरान सनोज कुमार चौधरी की भूमिका भी चर्चा में रही। पुलिसकर्मी होने के बावजूद वे कई मौकों पर छात्रों के बीच अभिभावक की भूमिका में खड़े नजर आए और आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ संवाद बनाए रखा।
छात्रों के लिए सरकार का बड़ा फैसला
मंच के प्रवक्ता रविंद्र कुमार पासवान ने कहा कि आज आंदोलन का 26वां दिन है। छात्रों की प्रमुख मांग परीक्षाओं को रद्द करने, जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की थी। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में रिफॉर्म्स को लेकर सहमति बनी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कई परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया, जिसे मंच छात्रों के हित में बड़ा निर्णय मानता है।
लंबे संघर्ष के बाद रिफॉर्म्स मंच की बड़ी जीत
रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार ने 20 से अधिक परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। यह छात्रों के लंबे संघर्ष और रिफॉर्म्स मंच की बड़ी जीत है। उन्होंने आंदोलन में शामिल रहे छात्रों को बधाई दी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रों की सभी मांगें अभी पूरी नहीं हुई हैं। मंच की मांग है कि पीजीटी, माध्यमिक, आचार्य, नगर पालिका सहायक, कांस्टेबल और फील्ड वर्कर समेत जिन परीक्षाओं को अभी रद्द नहीं किया गया है, उनकी भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। मंच का आरोप है कि इन परीक्षाओं में भी अनियमितताएं हुई हैं।
सरकार को दिया गया दो महीने का समय
रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ-साथ मंत्री इरफान अंसारी और मंत्री दीपिका सिंह पांडे ने भी छात्रों से समय देने की अपील की थी। इसी आधार पर मंच ने फिलहाल आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया है। वहीं, मंच से जुड़े पीयूष कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा स्पष्ट है और उन्हें भरोसा है कि सरकार छात्रों के हित में आगे भी निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि दो महीने का समय सरकार को दिया गया है। यदि इस अवधि में छात्रों की शेष मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा।
पीयूष कुमार ने कहा कि दो महीने बाद आंदोलन तभी समाप्त माना जाएगा, जब छात्रों की मांगों पर पूरी तरह काम हो। फिलहाल मंच ने सीबीआई जांच की मांग को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि पहले सीआईडी जांच भी हुई है और अब सरकार को दिए गए समय में आगे की कार्रवाई देखी जाएगी। इस तरह 26 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी छात्र आंदोलन फिलहाल स्थगित हो गया है। मंच ने सरकार को दो महीने का समय देते हुए स्पष्ट किया है कि तय अवधि में मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र फिर आंदोलन की राह पर लौटेंगे।
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच का होगा रजिस्ट्रेशन
मंच से जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स को औपचारिक रूप से रजिस्टर कराने की घोषणा भी की गई। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन को स्थगित करने के बाद अब छात्रों के हित और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की दिशा में संगठनात्मक स्तर पर काम किया जाएगा। इसके लिए जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच को विधिवत रजिस्टर कराने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की गई। मंच का कहना है कि भविष्य में भी छात्रों की समस्याओं और भर्ती परीक्षाओं में सुधार को लेकर यह मंच सक्रिय भूमिका निभाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच की ओर से आभार यात्रा निकाली गई। आभार यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक गई। इस दौरान छात्रों ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए एकजुटता का संदेश दिया। 26 दिनों के आंदोलन के बाद मंच ने शांतिपूर्ण तरीके से आभार व्यक्त करते हुए छात्रों के संघर्ष का संदेश दिया।








