अमेरिका मध्य पूर्व भेज रहा है ‘जॉर्ज वाशिंगटन’ पोत, ईरान पर आर्थिक प्रहार की तैयारी

वाशिंगटन/तेहरान। अमेरिका नौसेना के एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन को मध्य पूर्व भेजा जा रहा है। यह ईरान के साथ युद्ध में अमेरिकी सैन्य अभियान में मदद के लिए मध्य पूर्व भेजे गए विशाल परमाणु-संचालित विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह लेगा। अमेरिकी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। जॉर्ज वाशिंगटन भी परमाणु-संचालित पोत है। यह लगभग 90 लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों को ले जाने और संचालित करने की क्षमता रखता है। इसी के साथ अमेरिका ने ईरान को चौतरफा घेरने की तैयारी शुरू कर दी है। इनमें सबसे प्रमुख है आर्थिक नाकाबंदी।

सीएनएन, सीबीएस न्यूज और अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने कहा कि अब्राहम लिंकन पोत की जगह लेने के लिए जॉर्ज वाशिंगटन पोत को ही चुना गया है। अब्राहम लिंकन पर तैनात नाविकों के कम मनोबल और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं की खबरों ने इस सप्ताह कांग्रेस और उनके परिवारों के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने यह योजना बनाई। अब्राहम लिंकन 250 से ज्यादा दिनों से तैनात है। इसने 200 से ज्यादा दिनों से किसी भी बंदरगाह पर लंगर नहीं डाला है। इससे 1989 में कमीशन किया गया था। यह लगभग 1,100 फीट की लंबाई और 100,000 टन से ज्यादा वजनी कैरियर दुनिया के सबसे बड़े युद्धपोतों में से हैं।

इस पर 5,000 से ज्यादा नाविक और एयर क्रू हैं। यह इसके 90 एयरक्राफ्ट को संभालते हैं। इनमें एफ-35 और एफ/ए-18 फाइटर जेट, ईए-18जी इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जेट, ई-2डी एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग और कमांड-एंड-कंट्रोल एयरक्राफ्ट, सीएमवी -22 टिल्ट-रोटर ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स एयरक्राफ्ट के साथ-साथ हेलिकॉप्टरों का एक बेड़ा भी शामिल है। यह जहाज अपना साफ पानी खुद बनाता है। इसमें चार डिस्टिलिंग यूनिट्स हैं जो समुद्री पानी से प्रतिदिन 400,000 गैलन पानी बनाती हैं।

अमेरिकी अधिकारी ने कहा लिंकन की जगह लेने के लिए जॉर्ज वाशिंगटन तैयार है। जॉर्ज वाशिंगटन परमाणु संचालित सुपर एयरक्राफ्ट कैरियर है। यह दो परमाणु रिएक्टरों की शक्ति से बिना ईंधन भरे कई महीनों तक समुद्र में रहने और लगभग 90 लड़ाकू विमानों व 5,000 कर्मियों को संचालित करने की क्षमता रखता है। इस बीच अमेरिका ने ईरान को “ऐसी आर्थिक घेराबंदी” की धमकी दी है जिसे दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा होगा।

वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट ने ईरान को “ऐसे आर्थिक चक्रव्यूह” में फांसने की धमकी दी है जिसे दुनिया ने कभी नहीं देखा होगा। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह इस चक्रव्यूह का खुलासा हो जाएगा। होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य नाकाबंदी जारी रहेगी। आर्थिक चक्रव्यूह के तहत ईरानी बंदरगाहों से किसी भी चीज को अंदर या बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। यही नहीं इस्लामिक गणराज्य के बंदरगाहों की भौतिक नाकाबंदी भी की जाएगी।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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