पलामू। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के केंद्रीय अध्यक्ष और डुमरी विधायक जयराम महतो ने मंगलवार को पलामू के हुसैनाबाद में आयोजित बदलाव संकल्प सभा में सरकार की नीतियों पर जमकर हमला बोला। सभा में बड़ी संख्या में युवा, ग्रामीण और पार्टी कार्यकर्ता जुटे। जयराम महतो के मंच पर पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर उत्साह भरा।
सभा को संबोधित करते हुए जयराम महतो ने कहा कि झारखंड अलग राज्य बने 25 वर्ष हो गए, लेकिन राज्य के युवाओं की तस्वीर नहीं बदली। आज भी रोजगार की तलाश में झारखंड का नौजवान दूसरे राज्यों में पलायन करने को विवश हैं। उन्होंने कहा कि डिग्री लेकर भी रोजगार नहीं मिलना व्यवस्था की सबसे बड़ी विफलता है। पेपर लीक और नियुक्तियों में अनिश्चितता ने युवाओं के भविष्य पर सवाल खड़ा कर दिया है।
उन्होंने 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीय नीति लागू करने की मांग करते हुए कहा कि झारखंड में नौकरी और संसाधनों पर पहला अधिकार यहां के मूलवासियों और स्थानीय युवाओं का होना चाहिए। उन्होंने पलामू की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए अलग स्थानीय नीति की जरूरत बताई।
जयराम महतो ने भाजपा और झामुमो दोनों को निशाने पर लेते हुए कहा कि सत्ता बदलने से झारखंड की बुनियादी समस्याएं नहीं बदली। जल, जंगल और जमीन के मुद्दे आज भी जस के तस हैं। विस्थापन का दंश झेलने वालों को उनका अधिकार नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी हित का मतलब किसी एक परिवार तक सीमित नहीं है।
उन्होंने पलामू को उपराजधानी का दर्जा देने की मांग भी उठाई। कहा कि राज्य के दूरदराज के इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सत्ता और प्रशासन का विकेंद्रीकरण जरूरी है। पलामू के युवाओं को रोजगार और क्षेत्र को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलने पर पलायन की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।
जयराम महतो ने कहा कि झारखंड अलग राज्य के लिए लंबा संघर्ष हुआ, लेकिन राज्य बनने के बाद भी आम लोगों की बदहाली दूर नहीं हो सकी। उन्होंने युवाओं से अपने अधिकारों के लिए संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने का आह्वान किया। सभा में जेएलकेएम के जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थेे।








