रांची/गिरिडीह। झारखंड सरकार के उच्च शिक्षा, खेल, पर्यटन, संस्कृति एवं युवा कार्य मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू का रविवार तड़के गिरिडीह के मर्सी अस्पताल में निधन हो गया। वे 56 वर्ष के थे। अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, पांच सितंबर की देर रात अचानक सीने में तेज दर्द के बाद उन्हें गंभीर अवस्था में अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। सुबह 4:05 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की खबर फैलते ही गिरिडीह से लेकर रांची तक झामुमो कार्यकर्ताओं, समर्थकों और राजनीतिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जमीन से जुड़े एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में राजनीतिक सफर शुरू करने वाले सोनू ने संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालते हुए गिरिडीह की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई और लगातार दो बार विधानसभा चुनाव जीतकर हेमंत सोरेन सरकार में महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी तक पहुंचे।
सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया
मर्सी अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, हरसिंहरायडीह निवासी सुदिव्य कुमार सोनू को पांच सितंबर की मध्यरात्रि घर पर अचानक सीने में तेज दर्द हुआ। स्थिति गंभीर होने पर उन्हें रात करीब 2:15 बजे अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचने के समय उनकी हालत अत्यंत गंभीर थी। उन्हें सीने में दर्द के साथ उल्टी के एस्पिरेशन की समस्या थी। उनका ब्लड प्रेशर रिकॉर्ड नहीं हो पा रहा था, जबकि पल्स और ऑक्सीजन सैचुरेशन लगातार गिर रहा था।
आईसीयू विशेषज्ञों और चिकित्सकों की टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया। उन्हें ट्यूब लगाई गई और डबल इनोट्रॉपिक दवाएं दी गईं। इलाज के दौरान उनकी स्थिति अचानक और गंभीर हो गई तथा वे कोलैप्स कर गए। इसके बाद चिकित्सकों ने तत्काल सीपीआर और कार्डिएक कम्प्रेशन शुरू किया।
मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, इस दौरान उनके व्यक्तिगत कार्डियोलॉजिस्ट से करीब डेढ़ घंटे तक वीडियो कॉल के माध्यम से चिकित्सकीय सलाह ली गई और उनके निर्देशानुसार आवश्यक दवाएं एवं उपचार किए गए। इलाज के दौरान उन्हें दोबारा कार्डियक अरेस्ट आया। चिकित्सकों ने डीसी शॉक दिया और करीब दो घंटे तक लगातार सीपीआर किया। तमाम प्रयासों के बावजूद रक्त संचार को दोबारा सामान्य नहीं किया जा सका। अंततः सुबह 4:05 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
राजकीय सम्मान के साथ मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का हुआ अंतिम संस्कार
झारखंड सरकार के मंत्री और गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय जनप्रतिनिधि सुदिव्य कुमार सोनू का रविवार दोपहर बाद उसरी नदी स्थित हरसिंग रायडीह श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले उत्सव उपवन में उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक एवं व्यावसायिक संगठनों से जुड़े लोगों तथा आम नागरिकों की भीड़ उमड़ी।
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्र नाथ महतो, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और विधायक कल्पना सोरेन समेत कई प्रमुख नेताओं ने उत्सव उपवन पहुंचकर दिवंगत मंत्री को श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया। इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद-विधायक और बड़ी संख्या में आम लोग भी मौजूद रहे।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
दिवंगत मंत्री की अंतिम यात्रा उत्सव उपवन से मुक्तिधाम तक पहुंची तो सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवा खड़े दिखाई दिए। अपने लोकप्रिय जनप्रतिनिधि को अंतिम विदाई देने पहुंचे लोगों की आंखें नम थीं। जगह-जगह लोगों ने दिवंगत मंत्री के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया। अंतिम यात्रा के दौरान पूरे रास्ते शोक और भावुकता का माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए घंटों तक सड़क किनारे खड़े रहे। राजनीतिक जीवन में सुदिव्य कुमार सोनू की सक्रियता और लोगों के साथ उनके जुड़ाव की झलक अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ में साफ दिखाई दी।
12 वर्षीय पुत्र हर्ष ने दी मुखाग्नि
अंतिम संस्कार के दौरान सबसे भावुक क्षण तब आया, जब दिवंगत मंत्री के 12 वर्षीय पुत्र हर्ष कुमार ने अपने पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। इस मार्मिक दृश्य ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। मुखाग्नि की रस्म पूरी होते ही वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और माहौल शोक में डूब गया। इस दौरान लोगों ने दिवंगत मंत्री के सम्मान में ‘सुदिव्य कुमार सोनू अमर रहें’ के नारे लगाए। परिजनों, समर्थकों और कार्यकर्ताओं के लिए यह क्षण बेहद भावुक रहा।








