संसद के मानसून सत्र में 12 विधेयक पारित, चर्चा की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं : किरेन रिजिजू

नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। मानसून सत्र भले गतिरोध के चलते हंगामे की भेंट चढ़ गया लेकिन सरकार 12 विधेयक पारित कराने में सफल रही।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को यहां आयोजित प्रेंस कांफ्रेंस में कहा कि संसद के मानसून सत्र के दौरान कुल 12 विधेयक पारित हुए लेकिन विपक्ष के लगातार विरोध और व्यवधान की वजह से इन पर चर्चा की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं रही। उन्होंने बताया कि लोकसभा में 11 विधेयक और राज्यसभा में 2 विधेयक पेश किए गए। वहीं, लोकसभा ने 12 विधेयक पारित किए तथा राज्यसभा ने भी 12 विधेयक पारित किए या लौटाए।

रिजिजू ने दावा किया कि सरकार सदन में चर्चा के लिए तैयार थी और विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहती थी लेकिन विपक्ष ने चर्चा से बचने का रास्ता अपनाया। लोकसभा की उत्पादकता 19 प्रतिशत और राज्यसभा की 39 प्रतिशत रही। लोकसभा बाधित रहा लेकिन राज्यसभा में कुछ विपक्षी पार्टियों के वॉकआउट के बावजूद कुछ विपक्षी सदस्यों ने बहस में हिस्सा लिया।

सत्र में लोकसभा में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को दोनों सदनों की संयुक्त समिति (जेपीसी) को भेज दिया गया। विपक्ष इस विधेयक को वापस लेने की मांग कर रहा था। इसके अलावा परीक्षा पत्र लीक के मामलों में कठोर दंडात्मक कार्रवाई वाला विधेयक लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया गया। इसी विधेयक पर लोकसभा में चर्चा हो पायी, बाकी सभी विधेयक बिना चर्चा के पारित किए गए।

मानसून सत्र में वंदेमातरम को राष्ट्रगान के समान सम्मान देने वाला विधेयक राष्ट्र-गौरव अपमान-निवारण (संशोधन) विधेयक 2026; न्यायाधीशों की सुप्रीम कोर्ट में सख्या बढ़ाने वाले विधेयक उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 और केरल राज्य का नाम बदलकर केरलम किए जाने वाला विधेयक केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 को संसद की मंजूरी मिली।

अन्य पारित विधेयकों में जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026; उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन विधेयक, 2026; विनियोग (संख्यांक 3) विधेयक, 2026; सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026; बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026; कराधान और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026; राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026; अधिकरण सुधार विधेयक, 2026; खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 शामिल हैं।

किरण रिजिजू ने कहा कि पहले विपक्ष बातचीत में शामिल होता था जबकि ये लोग विपक्ष में होने के बावजूद चर्चा से भागते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मानसून सत्र कामकाज की दृष्टि से अच्छा रहा लेकिन चर्चा की दृष्टि से अच्छा नहीं रहा।

संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि संसद में केवल नारेबाजी और प्लेकार्ड लेकर विरोध करना संसदीय लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। रिजिजू ने विशेष तौर पर नए सांसदों को सार्थक बहस और चर्चा का अवसर नहीं मिलने पर चिंता जताई। उन्होंने उम्मीद जताई कि शीतकालीन सत्र में सभी दल आत्मचिंतन के साथ बेहतर सहयोग करेंगे और संसद में अधिक सार्थक एवं रचनात्मक चर्चा देखने को मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। इस दौरान दोनों सदनों की 19 बैठकें हुईं।

 

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
Picture of अंग भारत • रिपोर्टर

अंग भारत • रिपोर्टर

‘अंग भारत’ एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र है, जो मिलन ग्रुप द्वारा संचालित एक बहुआयामी मीडिया संगठन का हिस्सा है। हमारा कॉर्पोरेट कार्यालय बिहार के ऐतिहासिक अंग प्रदेश के पवित्र स्थान बांका में स्थित है। हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाना है।”

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts